रानीटीकर में आस्था का सैलाब! 108 देवी-देवताओं की प्रतिमाएं, भक्तों का उमड़ा जनसैलाब
रानीटीकर में आस्था का सैलाब! 108 देवी-देवताओं की प्रतिमाएं, भक्तों का उमड़ा जनसैलाब
- ✅रानीटीकर में श्री श्री 108 महारुद्र यज्ञ का चौथा दिन आस्था का केंद्र बना। 108 देवी-देवताओं की प्रतिमाएं, भव्य मेला और रामलीला ने भक्तों को मंत्रम
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रजौन के रानीटीकर गांव में नौ दिवसीय श्री श्री 108 महारुद्र यज्ञ का चौथा दिन भक्तों की भारी भीड़ का गवाह बना। दूर-दराज से आए श्रद्धालुओं ने यज्ञ मंडप की परिक्रमा कर पुण्य लाभ अर्जित किया। यज्ञ स्थल पर भक्ति और आस्था का माहौल श्रद्धा और उत्साह से सराबोर था। विद्वान पंडित आलोक झा के कुशल मार्गदर्शन में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ यज्ञ का अनुष्ठान पूर्ण विधि-विधान से संपन्न हो रहा है।
📌 त्वरित जानकारी (Quick Summary)
रानीटीकर गांव में 108 देवी-देवताओं की प्रतिमाओं के साथ श्री श्री 108 महारुद्र यज्ञ का आयोजन, जहां श्रद्धालुओं ने भक्ति भाव से परिक्रमा की। यज्ञ के साथ-साथ लगे मेले और रामलीला मंचन ने समां बांध दिया।
यज्ञ परिसर को 108 विभिन्न देवी-देवताओं की मनमोहक प्रतिमाओं से सुसज्जित किया गया है, जहाँ श्रद्धालु नतमस्तक होकर पूजा-अर्चना कर रहे हैं। वातावरण 'हर-हर महादेव' और 'जय श्रीराम' के जयकारों से गुंजायमान है, जो यहां की आध्यात्मिक ऊर्जा को और बढ़ा रहा है।
यज्ञ स्थल पर आयोजित मेले ने भी लोगों का ध्यान खींचा। बच्चों और युवाओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बने आकर्षक झूले और तारामाची पर लोगों ने परिवार के साथ खूब आनंद लिया। यह आयोजन न केवल धार्मिक बल्कि एक सामाजिक उत्सव का रूप ले चुका है।
शनिवार की रात, वृंदावन से पधारे रामलीला मंडली ने अपने जीवंत मंचन से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। विशेष रूप से 'वनगमन प्रसंग' का भावुक चित्रण, जिसमें प्रभु श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण गंगा तट पर पहुंचते हैं और केवट से नाव पार कराने का आग्रह करते हैं, अत्यंत मार्मिक था। केवट द्वारा प्रभु के चरणों को धोकर चरणामृत ग्रहण करने का दृश्य देखकर दर्शक भाव-विभोर हो गए। वृंदावन मंडली के कलाकारों के अभिनय और सजीव झांकियों ने सभी को मोहित कर लिया।
इस भव्य आयोजन की सफलता में रानीटीकर गांव के समस्त ग्रामवासियों का भक्तिमय योगदान सराहनीय है।
📍 मुख्य अपडेट्स
- रानीटीकर में 108 देवी-देवताओं की प्रतिमाओं के साथ महारुद्र यज्ञ का आयोजन।
- मेले में झूले, तारामाची और स्थानीय व्यंजनों का लुत्फ उठा रहे श्रद्धालु।
- वृंदावन की रामलीला मंडली द्वारा 'वनगमन प्रसंग' का मनमोहक मंचन।
- दूर-दूर से पहुंचे हजारों श्रद्धालुओं ने लिया यज्ञ का आनंद।
FAQ
प्रश्न 1: महारुद्र यज्ञ कब तक चलेगा?
उत्तर: यह एक नौ दिवसीय आयोजन है, जिसकी विस्तृत जानकारी आयोजकों से प्राप्त की जा सकती है।
प्रश्न 2: यज्ञ स्थल पर सुरक्षा के क्या इंतज़ाम हैं?
उत्तर: यज्ञ स्थल पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा के लिए स्थानीय प्रशासन और ग्रामवासियों द्वारा व्यवस्थाएं की गई हैं।
प्रश्न 3: क्या मेले में किसी विशेष वस्तु की बिक्री हो रही है?
उत्तर: मेले में स्थानीय हस्तशिल्प, पूजन सामग्री और खाने-पीने की वस्तुएं उपलब्ध हैं।
प्रश्न 4: रामलीला का मंचन प्रतिदिन होगा?
उत्तर: रामलीला का मंचन प्रतिदिन शाम को आयोजित किया जा रहा है, जिसमें विभिन्न प्रसंगों का मंचन होगा।
🔗 Reference / Official Source: Bhaskar News
💬 विचार और टिप्पणियाँ (Comments)
वाह! रानीटीकर में ऐसा भव्य आयोजन हो रहा है, यह देखकर बहुत खुशी हुई। हर-हर महादेव!
क्या मेले में प्रसाद भी वितरित किया जा रहा है? जानकारी के लिए धन्यवाद।
वृंदावन की रामलीला मंडली का मंचन तो अद्भुत ही होता है। हमें भी वहां जाने का अवसर मिले।