राघव चड्ढा हटाए गए: आप में अंदरूनी कलह या बीजेपी का डर?
राघव चड्ढा हटाए गए: आम आदमी पार्टी में अंदरूनी कलह या बीजेपी का डर?
नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी (आप) ने राज्यसभा में पार्टी के उपनेता के पद से राघव चड्ढा को हटा दिया है, जिसके बाद पार्टी के भीतर और विपक्षी दलों के बीच गहमागहमी तेज हो गई है। इस फैसले ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं, कि क्या यह पार्टी के भीतर की रणनीतिक चाल है या फिर राघव चड्ढा पर भाजपा से डरने और महत्वपूर्ण मुद्दों पर चुप रहने का आरोप कितना सही है?
3 अप्रैल 2026
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राज्यसभा में नेतृत्व परिवर्तन: राघव चड्ढा की जगह अशोक मित्तल
आम आदमी पार्टी (आप) ने हाल ही में एक बड़ा फेरबदल करते हुए राज्यसभा में पार्टी के डिप्टी लीडर की जिम्मेदारी राघव चड्ढा से लेकर अशोक कुमार मित्तल को सौंप दी है। इस फैसले के बाद, राघव चड्ढा ने व्यक्तिगत रूप से एक वीडियो जारी कर इस कदम पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि वह हमेशा जनहित के मुद्दे उठाते रहे हैं और यह सवाल उठाया कि इससे आम आदमी पार्टी को क्या नुकसान हो सकता है।
इसके जवाब में, आप के अन्य नेताओं ने एक के बाद एक वीडियो जारी किए, जिसमें राघव चड्ढा पर पार्टी के हितों और देश के महत्वपूर्ण मुद्दों पर चुप रहने और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) से डरने का आरोप लगाया गया।
कांग्रेस और विपक्षी दलों की प्रतिक्रिया
इस मामले पर पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह वडिंग ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि 'राघव चड्ढा या तो आम आदमी पार्टी छोड़ देंगे या उन्हें निकाल दिया जाएगा।' कांग्रेस के अलावा, अन्य विपक्षी दल भी इस मुद्दे पर आम आदमी पार्टी को घेरते हुए नजर आ रहे हैं।
'आम आदमी पार्टी का क्या नुकसान हुआ?': राघव चड्ढा का सवाल
राज्यसभा सचिवालय को लिखे पत्र में, आम आदमी पार्टी ने राघव चड्ढा की जगह राज्यसभा में पार्टी सांसद अशोक मित्तल को पार्टी का उपनेता बनाने का अनुरोध किया। समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार, आप ने यह भी सुझाव दिया कि राघव चड्ढा को संसद में बोलने का अवसर न दिया जाए।
शुक्रवार को जारी एक वीडियो में, राघव चड्ढा ने कहा, "मुझे जब-जब संसद में बोलने का मौका मिलता है, मैं जनता के मुद्दे उठाता हूं और शायद ऐसे मुद्दे उठाता हूं जिन्हें आमतौर पर संसद में नहीं उठाया जाता। लेकिन क्या जनता के मुद्दे उठाना, जनता की समस्याओं पर बात करना कोई अपराध है?"
उन्होंने आगे कहा, "आम आदमी पार्टी ने राज्यसभा सचिवालय से कहा है कि उनके राज्यसभा में 'बोलने पर रोक लगा दी जाए'। मेरे बोलने पर कोई रोक क्यों लगाना चाहेगा?" उन्होंने जोर देकर कहा, "मैंने जो मुद्दे उठाए, उससे आम आदमी का तो फायदा हुआ। लेकिन आम आदमी पार्टी का क्या नुकसान हुआ? भला कोई मुझे बोलने से कोई क्यों रोकना चाहेगा? कोई मेरी आवाज को क्यों बंद करना चाहेगा?"
राघव चड्ढा ने अपने विरोधियों को संदेश देते हुए कहा, "जिन लोगों ने आज पार्लियामेंट में मेरे बोलने का अधिकार छीन लिया, मुझे खामोश कर दिया, मैं उन्हें भी कुछ कहना चाहता हूं... मेरी खामोशी को मेरी हार मत समझ लेना, मैं वह दरिया हूं जो वक्त आने पर सैलाब बनाता है।"
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पार्टी में सब ठीक है और इसे एक प्रशिक्षण प्रक्रिया का हिस्सा बताया। उन्होंने कहा, "हमारी पार्टी लोकतांत्रिक पार्टी है और वह समय-समय पर पार्टी के लोगों को ट्रेनिंग भी देना चाहती है और सभी की प्रतिभा को उभारने की कोशिश भी करती है। इसी कड़ी में पार्टी ने यह फैसला लिया है ताकि मैं यह जिम्मेदारी निभाऊं और और सीख सकूं।"
आप नेताओं का हमलावर रुख
हालांकि, राघव चड्ढा के बयान के विपरीत, आम आदमी पार्टी के कई नेताओं ने उनके खिलाफ मोर्चा खोल दिया। आप नेता अनुराग ढांडा ने कहा कि राघव चड्ढा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से डर गए हैं। उन्होंने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, "हम केजरीवाल के सिपाही हैं। निडरता पहली पहचान है हमारी। कोई मोदी से डर जाए तो लड़ेगा क्या देश के लिए? संसद में थोड़ा सा समय मिलता है बोलने का पार्टी को, उसमें या तो देश बचाने का संघर्ष कर सकते हैं या एयरपोर्ट कैंटीन में समोसे सस्ते करवाने का।"
ढांडा ने आगे कहा, "पिछले कुछ सालों से तुम डर गए हो राघव। मोदी के खिलाफ बोलने से घबराते हो। देश के असली मुद्दों पर बोलने से घबराते हो। जो डर गया वो…"
विपक्ष ने ली चुटकी, आप नेताओं ने उठाए सवाल
आप नेता संजय सिंह ने राघव चड्ढा के बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि देश के सामने गैस की किल्लत, बंगाल में वोटर्स के खिलाफ घोटाला, और पंजाब में पार्टी के अधिकारों का छीना जाना जैसे ज्वलंत मुद्दे हैं, जिन पर राघव कुछ नहीं बोलते। उन्होंने कहा, "राघव चड्ढा जी से मैं कहना चाहूंगा कि जो आम आदमी पार्टी का मुद्दा है, सीईसी के खिलाफ प्रस्ताव आता है, आप साइन नहीं करते… ये ऐसे मुद्दे हैं जिनका जवाब उनको देना होगा।"
दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री और आप नेता आतिशी ने भी राघव चड्ढा पर बीजेपी से डरने का आरोप लगाया। एक वीडियो जारी कर उन्होंने कहा, "मैं राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा से सवाल पूछना चाहती हूं कि आप बीजेपी से इतना डरते क्यों हो। आप मोदी से सवाल उठाने से इतना डरते क्यों हैं। आज हमारी आंखों के सामने इलेक्शन कमीशन का मिसयूज़ करके पश्चिम बंगाल का चुनाव चुराया जा रहा है, लेकिन आप उस पर सवाल नहीं उठा रहे हैं।"
आतिशी ने आगे कहा, "जब अरविंद केजरीवाल जी गिरफ्तार हुए तब हम सब सड़कों पर खड़े होकर लड़ रहे थे। आप (राघव चड्ढा) तब लंदन में थे। लेकिन आज मेरे मन में भी सवाल आ रहा है कि क्या आप डर कर लंदन भाग गए?"
यह मामला फिलहाल गरमाया हुआ है और आने वाले दिनों में इसमें और भी राजनीतिक सरगर्मी बढ़ने की उम्मीद है। यह भी पढ़ें: Good Friday 2026: 3 अप्रैल को मनाएं ईसा मसीह का बलिदान दिवस
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