सीएम यादव और कुमार विश्वास के मंच पर बिजली गुल, सुरक्षा में आई चूक! | CM Yadav Kumar Vishwas Power Outage
माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय में 'अभ्युदय-2025' का भव्य शुभारंभ!
भोपाल: माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय में नए शैक्षणिक सत्र 'अभ्युदय-2025' का धमाकेदार आगाज हुआ। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और प्रख्यात कवि कुमार विश्वास की उपस्थिति रही। इस अवसर पर माखनलाल चतुर्वेदी की प्रतिमा का अनावरण और नवागत विद्यार्थियों का स्वागत किया गया।
- 👉 माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय में 'अभ्युदय-2025' का भव्य शुभारंभ!
- 👉 📍 मुख्य अपडेट्स:
- 👉 मुख्यमंत्री की सुरक्षा में अचानक आई चूक: मंच पर बिजली गुल!
- 👉 कुमार विश्वास ने 'माननीय' से असहमति जताई, टैरिफ पर कसा तंज
- 👉 खोजी पत्रकारिता का सबसे बड़ा उदाहरण भगवान हनुमान: सीएम यादव
- 👉 'कुलपति' की जगह 'कुलगुरु' क्यों? सीएम ने बताई वजह
- 👉 अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs):
📍 मुख्य अपडेट्स:
- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और कुमार विश्वास के मंच पर आते ही बिजली गुल हो गई, सुरक्षा में आई चूक।
- विश्वविद्यालय में माखनलाल चतुर्वेदी की प्रतिमा का अनावरण किया गया।
- नवागत विद्यार्थियों का स्वागत और विश्वविद्यालय की कार्यप्रणाली पर परिचर्चा।
- 'पोषण अभियान' का समापन, 1111 पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश।
मुख्यमंत्री की सुरक्षा में अचानक आई चूक: मंच पर बिजली गुल!
कार्यक्रम के दौरान उस समय हड़कंप मच गया जब मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और कवि डॉ. कुमार विश्वास जैसे ही मंच पर पहुंचे, अचानक लाइट चली गई। सुरक्षा कर्मियों ने तुरंत मुख्यमंत्री और कुमार विश्वास को चारों ओर से घेर लिया। करीब दो मिनट तक बिजली गुल रही, इस दौरान फोन की फ्लैश लाइट से रोशनी की व्यवस्था की गई। छात्रों ने 'भारत माता की जय' के नारे लगाकर माहौल को सकारात्मक बनाए रखा।
कुमार विश्वास ने 'माननीय' से असहमति जताई, टैरिफ पर कसा तंज
कार्यक्रम में कवि कुमार विश्वास ने अपने संबोधन में कई तीखे कटाक्ष किए। उन्होंने एक 'माननीय' से असहमत होते हुए कहा कि वे कुछ बोल नहीं सकते, वरना 'कंटेम्प्ट' हो जाएगा। उन्होंने बढ़ती टैरिफ को लेकर भी चिंता जताई और कहा कि एक भूरे बालों वाला फूफा दिन में तीन ट्वीट करता है। विश्वास ने देश की अर्थव्यवस्था और छोटे व्यापारियों के उत्थान पर भी जोर दिया, उन्होंने कहा कि हमें बाहरी कंपनियों के टूथपेस्ट और ब्रश पर निर्भर नहीं रहना चाहिए।
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खोजी पत्रकारिता का सबसे बड़ा उदाहरण भगवान हनुमान: सीएम यादव
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने खोजी पत्रकारिता का सबसे बड़ा उदाहरण भगवान हनुमान को बताया। उन्होंने कहा कि लंका जाने के दौरान हनुमानजी ने परिस्थितियों की परवाह किए बिना गहरी जानकारी जुटाई, जो पत्रकारिता की असली मिसाल है। उन्होंने छात्रों को हालात के अनुसार स्वयं को ढालना सीखने की प्रेरणा दी।
'कुलपति' की जगह 'कुलगुरु' क्यों? सीएम ने बताई वजह
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विश्वविद्यालयों में 'कुलपति' की जगह 'कुलगुरु' शब्द अपनाने के पीछे का रोचक किस्सा सुनाया। उन्होंने बताया कि एक कुलपति के पति का परिचय सुनकर उन्हें धक्का लगा था, जिसके बाद उन्होंने इस त्रुटिपूर्ण अंग्रेजी अनुवाद को बदलकर महाराष्ट्र की तर्ज पर 'कुलगुरु' शब्द को अपनाने का निर्णय लिया।
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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs):
- सवाल: 'अभ्युदय-2025' कार्यक्रम का क्या उद्देश्य था?
- जवाब: नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत, नवागत विद्यार्थियों का स्वागत और विश्वविद्यालय की परंपराओं से परिचय कराना।
- सवाल: कार्यक्रम के दौरान बिजली क्यों गुल हुई?
- जवाब: बिजली गुल होने का कोई स्पष्ट कारण नहीं बताया गया, यह एक आकस्मिक घटना थी।
- सवाल: कुमार विश्वास ने किन मुद्दों पर बात की?
- जवाब: उन्होंने राजनीतिक कटाक्ष, बढ़ती टैरिफ और देश की अर्थव्यवस्था पर अपनी राय रखी।
- सवाल: मुख्यमंत्री ने खोजी पत्रकारिता के लिए किसका उदाहरण दिया?
- जवाब: मुख्यमंत्री ने खोजी पत्रकारिता के लिए भगवान हनुमान को सबसे बड़ा उदाहरण बताया।