खुशखबरी! ग्रीन सान्वी ने पार किया होर्मुज स्ट्रेट, भारत को बड़ी राहत
होर्मुज स्ट्रेट से भारत के लिए एक और अच्छी खबर आई है! भारतीय झंडे वाला एलपीजी टैंकर 'ग्रीन सान्वी' सफलतापूर्वक होर्मुज स्ट्रेट को पार कर मुंबई की ओर बढ़ रहा है। इस टैंकर में करीब 44,000 मीट्रिक टन एलपीजी है, जो पश्चिम एशिया युद्ध के कारण बाधित आपूर्ति के बीच भारत के लिए एक बड़ी राहत है।
यह जहाज शुक्रवार को होर्मुज स्ट्रेट से गुजरा और अनुमान है कि यह 6 अप्रैल तक मुंबई पहुंच जाएगा। यह मार्च महीने में होर्मुज स्ट्रेट पार करने वाला सातवां भारतीय जहाज है। फिलहाल, कई अन्य भारतीय तेल-गैस जहाज अभी भी होर्मुज में ईरानी क्लीयरेंस का इंतजार कर रहे हैं।
- 👉 होर्मुज स्ट्रेट से भारत के लिए एक और अच्छी खबर आई है! भारतीय झंडे वाला एलपीजी टैंकर 'ग्रीन सान्वी' सफलतापूर्वक होर्मुज स्ट्रेट को पार कर मुंबई की ओर बढ़ रहा है। इस टैंकर में करीब 44,000 मीट्रिक टन एलपीजी है, जो पश्चिम एशिया युद्ध के कारण बाधित आपूर्ति के बीच भारत के लिए एक बड़ी राहत है।
- 👉 📍 मुख्य अपडेट्स:
- 👉 होर्मुज पार करने वाला सातवां भारतीय जहाज
- 👉 केवल कुछ देशों को ही होर्मुज पार करने की अनुमति
- 👉 ग्रीन सान्वी ने कैसे पार किया होर्मुज?
- 👉 पिछले हफ्ते आए दो एलपीजी टैंकर
- 👉 अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs):
📍 मुख्य अपडेट्स:
- भारतीय एलपीजी टैंकर 'ग्रीन सान्वी' ने सफलतापूर्वक होर्मुज स्ट्रेट पार किया।
- टैंकर में लगभग 44,000 मीट्रिक टन एलपीजी है, जो भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है।
- यह युद्ध की स्थिति में होर्मुज पार करने वाला सातवां भारतीय जहाज है।
- ईरान ने मित्र देशों के जहाजों के लिए होर्मुज स्ट्रेट को खुला रखा है, जिसमें भारत शामिल है।
जहाज ट्रैकिंग डेटा के अनुसार, ग्रीन सान्वी फारस की खाड़ी में थोड़ी देर रुकने के बाद ईरान के समुद्री क्षेत्र से होकर होर्मुज स्ट्रेट के पूर्वी हिस्से में पहुंचा। इसके बाद यह मुंबई की ओर अपनी यात्रा पर निकल पड़ा है। इस टैंकर में मौजूद एलपीजी की मात्रा भारत की LPG खपत के आधे दिन के बराबर है। युद्ध के कारण सप्लाई में आई कमी के बीच यह खेप देश के लिए बेहद अहम है।
होर्मुज पार करने वाला सातवां भारतीय जहाज
ईरान-अमेरिका युद्ध शुरू होने के बाद से ग्रीन सान्वी होर्मुज स्ट्रेट को पार करने वाला सातवां भारतीय जहाज बन गया है। यह बात ध्यान देने योग्य है कि अब तक पार करने वाले सभी सात जहाज एलपीजी टैंकर ही रहे हैं। ग्रीन सान्वी के सफल ट्रांजिट के साथ, अब फारस की खाड़ी में होर्मुज स्ट्रेट के पूर्व में 17 भारतीय झंडे वाले जहाज मौजूद हैं। भारत सरकार भारतीय जहाजों की सुरक्षित आवाजाही के लिए लगातार ईरान के साथ कूटनीतिक बातचीत कर रही है।
ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट पर कुछ प्रतिबंध लगाए हैं और टोल भी वसूल रहा है, लेकिन भारत के साथ अच्छे संबंधों को देखते हुए भारतीय जहाजों को इसमें छूट दी जा रही है। यह भी पढ़ें: WrestleMania 42: रिंग में भूचाल! कौन बनेगा चैंपियन? जानिए सब कुछ!
केवल कुछ देशों को ही होर्मुज पार करने की अनुमति
पिछले हफ्ते ईरान ने स्पष्ट किया था कि केवल अमेरिका, इज़राइल और उनके सहयोगी देशों के अलावा मित्र देशों के जहाज ही ईरानी अधिकारियों के समन्वय से होर्मुज स्ट्रेट को पार कर सकते हैं। ईरान के विदेश मंत्री ने बताया कि चीन, रूस, भारत, इराक और पाकिस्तान जैसे मित्र देशों के जहाजों को इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग से गुजरने की अनुमति है।
ग्रीन सान्वी ने कैसे पार किया होर्मुज?
होर्मुज स्ट्रेट पार करते समय, ग्रीन सान्वी ने भारतीय जहाज होने का संकेत दिया, जिसमें भारतीय नाविक सवार थे। यह प्रक्रिया ईरानी अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित करने के लिए एक मानक प्रक्रिया बन गई है। ईरान और ओमान के बीच स्थित इस संकरे जलडमरूमध्य से जहाजों की आवाजाही को रेगुलेट किया जाता है, जो फारस की खाड़ी को अरब सागर से जोड़ता है और वैश्विक ऊर्जा प्रवाह के लिए महत्वपूर्ण है। भारतीय जहाजों को इंडियन नेवी द्वारा एस्कॉर्ट भी किया जाता है, जिससे उनकी सुरक्षा सुनिश्चित होती है। यह भी पढ़ें: सीएम यादव और कुमार विश्वास के मंच पर बिजली गुल, सुरक्षा में आई चूक!
पिछले हफ्ते आए दो एलपीजी टैंकर
इससे पहले पिछले हफ्ते, 'जग वसंत' ने कांडला में 47,612 मीट्रिक टन एलपीजी और 'पाइन गैस' ने न्यू मंगलौर में 45,000 मीट्रिक टन एलपीजी डिलीवर की थी। ये दोनों टैंकर भी होर्मुज स्ट्रेट को सफलतापूर्वक पार करके भारत पहुंचे थे। अभी दो और एलपीजी जहाज, 'ग्रीन आशा' और 'जग विक्रम', स्ट्रेट पार करने के लिए तैयार हैं और इंडियन नेवी के निर्देशों का इंतजार कर रहे हैं।
गौरतलब है कि 28 फरवरी से ईरान-अमेरिका युद्ध की स्थिति बनी हुई है, जिसके बाद से होर्मुज स्ट्रेट की सुरक्षा चिंता का विषय बनी हुई है। यह भी पढ़ें: PM Kisan Mandhan Yojana: ₹3000 पेंशन पाएं, 25 पैसे भी नहीं लगेंगे!
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs):
- ग्रीन सान्वी क्या है?
ग्रीन सान्वी एक भारतीय झंडे वाला एलपीजी टैंकर है जिसने हाल ही में होर्मुज स्ट्रेट को सफलतापूर्वक पार किया है। - होर्मुज स्ट्रेट क्यों महत्वपूर्ण है?
यह फारस की खाड़ी को अरब सागर से जोड़ने वाला एक संकरा जलडमरूमध्य है और वैश्विक तेल व गैस आपूर्ति के लिए एक महत्वपूर्ण मार्ग है। - भारत के लिए यह खबर क्यों महत्वपूर्ण है?
ईरान-अमेरिका युद्ध के कारण इस क्षेत्र में तनाव है, ऐसे में भारतीय जहाजों का सुरक्षित गुजरना भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है। - कितने भारतीय जहाज अब तक होर्मुज पार कर चुके हैं?
मार्च महीने में ग्रीन सान्वी को मिलाकर सात भारतीय जहाज होर्मुज स्ट्रेट पार कर चुके हैं। - क्या होर्मुज स्ट्रेट बंद है?
ईरान ने इस पर कुछ प्रतिबंध लगाए हैं, लेकिन मित्र देशों के जहाजों को समन्वय के बाद गुजरने की अनुमति दी जा रही है। - क्या भारतीय जहाजों को कोई विशेष छूट मिलती है?
हाँ, भारत के साथ अच्छे संबंधों के कारण ईरान द्वारा भारतीय जहाजों को इस मार्ग से गुजरने में सुविधा दी जा रही है। - आगे और कौन से जहाज भारत आ सकते हैं?
'ग्रीन आशा' और 'जग विक्रम' जैसे दो और एलपीजी टैंकर जल्द ही होर्मुज पार करके भारत पहुंच सकते हैं।